कॉस्मिक किरणों से एक प्रयोगशाला तक
विक्रम अंबालाल साराभाई का जन्म 12 अगस्त 1919 को अहमदाबाद के एक उद्योगपति परिवार में हुआ। कैम्ब्रिज में प्राकृतिक विज्ञान पढ़ने के बाद उन्होंने कॉस्मिक किरणों पर शोध किया और 1947 में अहमदाबाद में फ़िज़िकल रिसर्च लेबोरेटरी की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाई।
विलासिता नहीं, साधन
उनका सबसे दूरदर्शी विचार था कि विकासशील देश के लिए अंतरिक्ष तकनीक विलासिता नहीं, विकास का साधन हो सकती है: संचार, मौसम पूर्वानुमान, शिक्षा और संसाधनों के मानचित्रण के लिए।
कम संसाधनों के दौर में अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रस्ताव रखना साहसी था। उनके नेतृत्व में 1962 में INCOSPAR बना और फिर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की संस्थागत नींव पड़ी; थुंबा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन जैसे शुरुआती कार्यक्रमों से भारत की अंतरिक्ष यात्रा शुरू हुई।
उनसे आगे चलने वाले संस्थान
उन्होंने IIM अहमदाबाद, कम्युनिटी साइंस सेंटर और कई दूसरे संस्थानों को भी आकार दिया। दिसंबर 1971 में उनका अचानक निधन हुआ, लेकिन उनकी दी दिशा को सतीश धवन और अगली पीढ़ियों ने आगे बढ़ाया।
आज ISRO के संचार, मौसम, नेविगेशन, रिमोट सेंसिंग और ग्रह मिशनों की जड़ें साराभाई की उस सोच में हैं जिसमें विज्ञान समाज की समस्याओं से जुड़ा था।
स्रोत
- ISRO: विक्रम साराभाई
- फ़िज़िकल रिसर्च लेबोरेटरी
- ISRO: इतिहास
- isro.gov.in/VikramSarabhai.html
- prl.res.in/
- isro.gov.in/profile.html