राज्य के वास्तुकार
तेची गुबिन का परिचय वास्तुकला और समाज सेवा का अनोखा मेल है। आधिकारिक पद्म प्रशस्ति के अनुसार उनका जन्म 1 नवंबर 1964 को हुआ और उन्होंने 1988 में चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर से B.Arch. पूरा किया।
सहायक शिक्षक के रूप में करियर शुरू करने के बाद 1990 में वे अरुणाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग से जुड़े और आगे चलकर मुख्य वास्तुकार तथा (अतिरिक्त प्रभार के साथ) आवास निदेशक बने। 2000 से 2005 तक वे प्रतिनियुक्ति पर HUDCO में विकास अधिकारी रहे।
करियर के साथ संस्कृति
पेशेवर करियर के साथ-साथ वे अरुणाचल विकास परिषद और दूसरे स्वैच्छिक संगठनों में नेतृत्व की भूमिकाओं में रहे। प्रशस्ति न्यीशी स्वदेशी आस्था और संस्कृति के लिए उनके काम और दोन्यी-पोलो परंपराओं के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का उल्लेख करती है।
सीमा पर सुनना
2010 और 2021 की सीमांत दर्शन यात्राओं के ज़रिए उन्होंने चीन, म्यांमार और भूटान की सीमाओं से लगे दूरस्थ गाँवों का दौरा किया और उन प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा बने जिन्होंने वहाँ की सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे की चिंताओं को राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुँचाया।
उनकी कहानी को किसी राजनीतिक समर्थन की तरह नहीं, बल्कि सार्वजनिक सेवा, स्वदेशी पहचान और दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़ाव के संगम के रूप में देखना चाहिए।
स्रोत
- पद्म पुरस्कार 2026: आधिकारिक प्रशस्ति
- अरुणाचल टाइम्स: परिचय
- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय: वीडियो
- padmaawards.gov.in/Document/pdf/CitationsForTickets/2026/English/2026125.pdf
- archive.arunachaltimes.in/index.php/2026/05/27/techi-gubin-conferred-padma-shri-award/
- youtube.com/watch?v=_h47xfJkN-8