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स्वतंत्रता सेनानी · उत्तराखंड

सैनिक, स्वतंत्रता सेनानी, और एक नाम की उलझन

सरकारी रिकॉर्ड में रुद्रप्रयाग के दो स्वतंत्रता सेनानियों का नाम संग्राम सिंह है। यह कहानी उनकी है जो 1894 में गुप्तकाशी के पास जन्मे, 1924 में सेना में गए और राष्ट्रीय आंदोलन के साथ भी खड़े रहे।

संग्राम सिंहSangram Singh
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AI आवाज़ में सुनाई गई
जन्म
1894, नाला, गुप्तकाशी क्षेत्र
निधन
10 अप्रैल 1951
ज़िला
रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
क्षेत्र
स्वतंत्रता संग्राम, सैनिक सेवा, सामाजिक उत्थान
मान्यता
संस्कृति मंत्रालय: डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉज़िटरी
1894जन्म
1924भारतीय सेना में भर्ती
195110 अप्रैल को निधन

कौन-से संग्राम सिंह?

यह परिचय विशेष सावधानी माँगता है। संस्कृति मंत्रालय की रिपॉज़िटरी में रुद्रप्रयाग से दो अलग स्वतंत्रता-सेनानी रिकॉर्ड हैं: “संग्राम सिंह” और “संग्राम सिंह रावत”।

यह कहानी केवल उन संग्राम सिंह की है जिन्हें आधिकारिक डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉज़िटरी 1894 में नाला, गुप्तकाशी क्षेत्र में जन्मा बताती है और जो 1924 में भारतीय सेना में भर्ती हुए।

आंदोलन में एक सैनिक

सरकारी रिपॉज़िटरी उन्हें सैनिक और स्वतंत्रता सेनानी की दोहरी भूमिका में दिखाती है। रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने सैन्य सेवा के साथ स्वतंत्रता आंदोलन की गतिविधियों में भाग लिया, साथी सैनिकों और नागरिकों को संगठित किया और बाद में सामाजिक उत्थान के काम किए।

आधिकारिक पेज पर उनकी सैन्य सेवा से जुड़े सम्मान भी दर्ज हैं: 1939–45 स्टार, वॉर मेडल, इंडिया सर्विस मेडल और बर्मा स्टार।

पहचान सही रखना

10 अप्रैल 1951 को उनका निधन हुआ। यहाँ सबसे महत्वपूर्ण संपादकीय नियम यह है कि उन्हें सारी गाँव से जुड़े INA सेनानी संग्राम सिंह रावत के साथ न मिलाया जाए, जिनका आधिकारिक पेज और कालक्रम अलग है।

गुमनाम नायकों के संग्रह के लिए उनका मामला दिखाता है कि पहचान कितनी अहम है: दो कहानियों को एक मानने से पहले नाम, गाँव, तिथियाँ और सेवा-रिकॉर्ड, सब मिलने चाहिए।

स्रोत