शोध के सवाल पूछने वाली डॉक्टर
गगनदीप कांग भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य चिकित्सक-वैज्ञानिकों में हैं। चिकित्सा प्रशिक्षण के बाद उन्होंने आँत के संक्रमणों पर, यानी रोटावायरस, दस्त रोग, आँत के स्वास्थ्य और टीकों पर, दशकों लंबा शोध-कार्यक्रम बनाया।
रोटावायरस की महामारी विज्ञान, आँत के रोगों का बोझ, टीकों का मूल्यांकन और आबादी-आधारित दीर्घकालिक अध्ययन उनके मुख्य योगदान हैं।
फ़ील्ड और प्रयोगशाला साथ-साथ
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर में उन्होंने फ़ील्ड कोहोर्ट और प्रयोगशाला विज्ञान को जोड़ा, ताकि बच्चों में संक्रमण, प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और टीकों का प्रदर्शन समझा जा सके।
भारतीय परिस्थितियों में भारी संसाधन वाले, लंबे कोहोर्ट अध्ययन खड़े करना वैज्ञानिक और व्यावहारिक, दोनों चुनौती थी। जन-स्वास्थ्य में मज़बूत प्रमाण सालों के धैर्यपूर्ण फ़ॉलो-अप, समुदाय के भरोसे और बहुविषयक टीमवर्क से बनता है।
शोध क्षमता का निर्माण
वे ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (THSTI) की कार्यकारी निदेशक रही हैं और वैश्विक टीका व जन-स्वास्थ्य सलाहकार भूमिकाओं से जुड़ी हैं। वे रॉयल सोसाइटी की फ़ेलो चुनी जाने वाली भारत-स्थित महिला वैज्ञानिकों में अग्रणी हैं।
बाल-स्वास्थ्य नीति, टीकों के विकास और मूल्यांकन, और संक्रामक रोग शोध क्षमता पर उनका प्रभाव महत्वपूर्ण रहा है, और उन्होंने भारत में उच्च-गुणवत्ता वाले क्लिनिकल और फ़ील्ड शोध तंत्र को मज़बूत किया है।
स्रोत
- THSTI: संकाय और वैज्ञानिक
- रॉयल सोसाइटी: गगनदीप कांग
- CMC वेल्लोर
- thsti.res.in/en/faculty-and-scientists
- royalsociety.org/people/gagandeep-kang-14102/
- cmch-vellore.edu/