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अदिति पंत
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विज्ञान और नवाचार · गोवा

1983 में अंटार्कटिका तक

जब भारत के शुरुआती अंटार्कटिक अभियान निकले, तब बर्फ़ की वह दुनिया पुरुषों की मानी जाती थी। समुद्र विज्ञानी अदिति पंत वहाँ पहुँचने वाली पहली भारतीय महिलाओं में थीं।

अदिति पंतAditi Pant
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अदिति पंत। फ़ोटो: अभिलेखीय चित्र; श्रेय की पुष्टि जारी

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AI आवाज़ में सुनाई गई
क्षेत्र
समुद्र विज्ञान, अंटार्कटिक विज्ञान
संस्थान
राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान
कार्यक्रम
भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम
उपलब्धि
अंटार्कटिका पहुँचने वाली शुरुआती भारतीय महिलाओं में, 1983
1983अंटार्कटिका पहुँचीं

एक समुद्र विज्ञानी

अदिति पंत भारतीय समुद्र विज्ञान और ध्रुवीय विज्ञान की अग्रणी महिला वैज्ञानिकों में गिनी जाती हैं। समुद्र विज्ञान में उच्च प्रशिक्षण के बाद वे राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान से जुड़ीं।

उनका काम समुद्री विज्ञान, समुद्र अवलोकन और ध्रुवीय शोध से जुड़ा रहा।

1983: बर्फ़ की ओर

1983 में एक भारतीय अंटार्कटिक अभियान के दौरान वे सुदीप्ता सेनगुप्ता के साथ अंटार्कटिका पहुँचने वाली शुरुआती भारतीय महिलाओं में शामिल हुईं।

उस दौर में अंटार्कटिक अभियान शारीरिक रूप से कठिन, व्यवस्था के लिहाज़ से जटिल और पुरुष-प्रधान थे। इसमें भाग लेना सिर्फ़ प्रतीकात्मक नहीं था: फ़ील्ड विज्ञान में सहनशक्ति, व्यवस्था और टीमवर्क निर्णायक होते हैं।

खुला रखा गया दरवाज़ा

वे भारत के अंटार्कटिक शोध कार्यक्रम के शुरुआती इतिहास का हिस्सा बनीं, और भारतीय महिला वैज्ञानिकों के लिए ध्रुवीय फ़ील्ड विज्ञान को एक दिखती हुई संभावना बनाया। बाद के वर्षों में वे समुद्र विज्ञान शोध और विज्ञान से जुड़ी भूमिकाओं से जुड़ी रहीं।

जब प्रतिनिधित्व की बाधाएँ टूटती हैं, तो विज्ञान को मिलने वाली प्रतिभा बढ़ती है। फ़ील्ड विज्ञान भी प्रयोगशाला शोध जितना ही कठोर हो सकता है।

स्रोत

  • राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान
  • राष्ट्रीय ध्रुवीय और समुद्री अनुसंधान केंद्र
  • भारतीय अंटार्कटिक कार्यक्रम: NCPOR
  • nio.res.in/
  • ncpor.res.in/
  • ncpor.res.in/pages/display/Antarctica