लॉग इन
EN हिंदी
← सभी नायक
जीवन रक्षक · दिल्ली

आख़िरी बारह मीटर

जब सिलक्यारा सुरंग में बड़ी ड्रिलिंग मशीनें रुक गईं, तो आख़िरी हिस्सा इंसानी हाथों पर आ गया। वकील हसन और उनकी टीम एक संकरे पाइप में घुसी और मलबा काटते हुए 41 फँसे मज़दूरों तक पहुँची।

वकील हसनVaqeel Hasan
WhatsApp X Facebook
यह कहानी सुनें0:00 / 2:10
AI आवाज़ में सुनाई गई
निवास
खजूरी ख़ास, दिल्ली
बचाव स्थल
सिलक्यारा–बड़कोट सुरंग, उत्तरकाशी, उत्तराखंड
हुनर
मैनुअल पाइप-जैकिंग और ट्रेंचलेस काम
सम्मान
सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, सीरीज़ 2024 (5 अगस्त 2026 को प्रदान)
41मज़दूर बाहर निकाले गए
17दिन फँसे रहे
12सदस्य मैनुअल टीम में

जब मशीनें रुक गईं

वकील हसन की कहानी उस क्षण की है जब बड़ी मशीनें रुक गईं और काम इंसानी हुनर, धैर्य और जोखिम उठाने की हिम्मत पर आ गया। नवंबर 2023 में उत्तरकाशी की सिलक्यारा–बड़कोट सुरंग ढहने के बाद 41 मज़दूर 17 दिनों तक भीतर फँसे रहे।

कई तकनीकी विकल्प आज़माए गए। अंतिम चरण में एक संकरी पाइपलाइन के भीतर से मलबा हटाने के लिए अनुभवी मैनुअल पाइप-जैकिंग कामगारों की टीम बुलाई गई। दिल्ली में रॉकवेल एंटरप्राइज़ेज़ चलाने वाले हसन इस टीम के प्रमुख चेहरों में थे।

हाथ से बारह मीटर

इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टुडे के अनुसार 12 सदस्यीय टीम ने आख़िरी लगभग 12 मीटर मलबे को हाथ से काटकर हटाने में निर्णायक भूमिका निभाई। यह काम लगातार लगभग 26–27 घंटे चला और 28 नवंबर 2023 को फँसे मज़दूरों तक रास्ता खुल गया।

टीम का सम्मान

बचाव के बाद भी उनकी कहानी चर्चा में रही। फ़रवरी 2024 में दिल्ली विकास प्राधिकरण की अतिक्रमण-विरोधी कार्रवाई में खजूरी ख़ास में उनका घर गिराया गया, जिस पर सार्वजनिक और राजनीतिक विवाद हुआ।

इस संग्रह के लिए सबसे अहम तथ्य बचाव-कार्य ही है। 25 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति ने टीम के 12 सदस्यों को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक के लिए स्वीकृति दी, और 5 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में पदक, प्रमाण-पत्र और लघु पदक प्रदान किए। PIB के अनुसार हर प्राप्तकर्ता को ₹2 लाख का मौद्रिक भत्ता भी दिया गया।

स्रोत