सतह के पास की हवा
सतीश धवन का जन्म 25 सितंबर 1920 को श्रीनगर में हुआ। उन्होंने गणित, भौतिकी और इंजीनियरिंग की बहुविषयक शिक्षा ली और कैलटेक से एयरोनॉटिक्स में उच्च डिग्रियाँ हासिल कीं।
IISc बैंगलोर में उन्होंने तरल गतिकी और बाउंड्री लेयर पर शोध को मज़बूत किया; यह सतह के ठीक पास का वह पतला हिस्सा है जहाँ बहती हवा धीमी हो जाती है। वे कम उम्र में संस्थान के निदेशक बने।
ISRO की कमान
1972 में विक्रम साराभाई के निधन पर धवन को ISRO का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने एक शर्त रखी: वे IISc निदेशक बने रहेंगे, और ISRO का मुख्यालय बैंगलोर में मज़बूत किया जाएगा।
अचानक राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम संभालना कठिन था। उन्होंने इसे करिश्माई-संस्थापक मॉडल से संस्थागत, टीम-आधारित मॉडल की ओर ले जाने को चुना। उनके नेतृत्व में SLV कार्यक्रम, उपग्रह अनुप्रयोग और ISRO की संगठनात्मक प्रक्रियाएँ आगे बढ़ीं।
श्रेय टीम को, ज़िम्मेदारी नेता की
उन्हें टीम-केंद्रित नेतृत्व और ग़लती होने पर ज़िम्मेदारी लेने के लिए याद किया जाता है। ISRO की अनुशासित समीक्षा संस्कृति और मिशन प्रबंधन में आज भी उनकी छाप दिखती है, और श्रीहरिकोटा का प्रक्षेपण केंद्र आज सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र कहलाता है।
नेतृत्व सफलता के समय टीम के पीछे और असफलता के समय उसके आगे खड़ा होता है। मज़बूत संस्थाएँ किसी भी व्यक्ति से कहीं ज़्यादा समय तक टिकती हैं।
स्रोत
- ISRO: सतीश धवन
- IISc
- ISRO: सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र
- isro.gov.in/SatishDhawan.html
- iisc.ac.in/
- isro.gov.in/SDSC.html