बैंगलोर, कैलटेक, फिर बैंगलोर
रोड्डम नरसिम्हा का जन्म 20 जुलाई 1933 को बैंगलोर में हुआ। IISc में इंजीनियरिंग की शिक्षा के बाद उन्होंने कैलटेक में हान्स लीपमान के साथ एयरोनॉटिक्स में PhD की।
कैलटेक में सफल शुरुआत के बाद भारत लौटना और यहाँ शोध की संस्कृति बनाना एक अहम फ़ैसला था।
टर्बुलेंस और ट्रांज़िशन
IISc में उन्होंने एयरोस्पेस शोध खड़ा किया और विक्षोभ, ट्रांज़िशन, विरल गैस गतिकी और वायुमंडलीय प्रवाहों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित काम किया।
बाउंड्री-लेयर ट्रांज़िशन, यानी चिकने प्रवाह के विक्षुब्ध होने, और एयरोस्पेस तरल यांत्रिकी पर उनके शोध ने सैद्धांतिक और व्यावहारिक, दोनों तरह के वायुगतिकी को प्रभावित किया।
प्रयोगशालाएँ, विद्यार्थी और मानसून
वे नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज़ के निदेशक रहे और जवाहरलाल नेहरू सेंटर फ़ॉर एडवांस्ड साइंटिफ़िक रिसर्च में नेतृत्व की भूमिकाएँ निभाईं। विज्ञान नीति, मानसून गतिकी और भारत की एयरोस्पेस क्षमता में उन्होंने व्यापक योगदान दिया और अनेक विद्यार्थियों को तैयार किया।
गहरा सैद्धांतिक काम और राष्ट्रीय इंजीनियरिंग मिशन साथ चल सकते हैं, और महान संस्थाएँ मार्गदर्शन से बनती हैं।
स्रोत
- IISc श्रद्धांजलि: रोड्डम नरसिम्हा
- नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज़
- JNCASR
- iisc.ac.in/events/prof-roddam-narasimha-1933-2020-a-tribute/
- nal.res.in/
- jncasr.ac.in/