एडिनबरा से लौटकर
प्रफुल्ल चंद्र राय का जन्म 2 अगस्त 1861 को रारुली-कटिपारा में हुआ, जो आज बांग्लादेश में है। एडिनबरा विश्वविद्यालय में रसायन की उच्च शिक्षा के बाद वे कलकत्ता लौटे और प्रेसीडेंसी कॉलेज में पढ़ाने लगे।
अच्छी डिग्रियों के बावजूद औपनिवेशिक व्यवस्था में पद और संसाधन आसानी से नहीं मिले, और प्रयोगशालाएँ तथा वैज्ञानिक करियर के अवसर कम थे। फिर भी उन्होंने अकार्बनिक रसायन का शोध-कार्यक्रम खड़ा किया; मर्क्यूरस नाइट्राइट पर उनका काम प्रसिद्ध हुआ।
प्रयोगशाला से उद्योग तक
राय की सोच प्रयोगशाला से आगे थी। उन्होंने देसी रासायनिक उद्योग की ज़रूरत समझी और 1890 के दशक में छोटे पैमाने पर बंगाल केमिकल एंड फ़ार्मास्युटिकल वर्क्स शुरू किया। यह भारत की शुरुआती आधुनिक रासायनिक कंपनियों में बनी, विज्ञान पर आधारित देसी उद्यम का एक शुरुआती नमूना।
एक पीढ़ी के शिक्षक
वे चार भूमिकाओं में एक साथ सक्रिय रहे: शिक्षक, भारतीय रसायन के इतिहासकार, उद्यमी और सार्वजनिक बुद्धिजीवी। उनके विद्यार्थियों की पीढ़ियों ने भारतीय रसायन को आगे बढ़ाया।
वे आत्मनिर्भर उद्योग और विज्ञान शिक्षा को राष्ट्र-निर्माण से जोड़ने वाले शुरुआती वैज्ञानिकों में थे। उनका जीवन बताता है कि विज्ञान का असर शोध-पत्रों के साथ उद्योग, शिक्षा और संस्थानों से भी होता है।
स्रोत
- अमेरिकन केमिकल सोसाइटी: पी. सी. राय
- बंगाल केमिकल्स
- कलकत्ता विश्वविद्यालय
- axial.acs.org/inorganic-chemistry/remembering-acharya-prafulla-chandra-ray-father-of-indian-chemistry
- bengalchemicals.co.in/
- caluniv.ac.in/