बारिश के इंतज़ार में बचपन
पोडिली राजशेखर राजू की कहानी पानी को सिर्फ़ ढाँचागत परियोजना नहीं, समुदाय की रोज़ी-रोटी के सवाल की तरह देखने की है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उनका जन्म प्रकाशम ज़िले में दर्शी के पास कोक्केरा कोंडैया पालेम के एक किसान परिवार में हुआ। बचपन से खेती और पानी की कमी देखने ने उनके काम की दिशा तय की।
बीस साल का जल-कार्य
लगभग दो दशकों में उन्होंने वर्षा-जल संचयन, वाटरशेड विकास, भूजल पुनर्भरण, खेत तालाब, चेक डैम और पेयजल परियोजनाओं पर काम किया है। EDII का पूर्व छात्र परिचय उन्हें टिकाऊ विकास और सामाजिक-शासन की पहलों से भी जोड़ता है।
2025 की न्यू इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के अनुसार उनके जल-कार्य से 245 गाँवों के लगभग 1.23 लाख परिवारों तक सिंचाई या पीने के पानी का लाभ पहुँचा। यह स्वतंत्र पत्रकारिता का अनुमान है, पुरस्कार सूची का जाँचा हुआ आँकड़ा नहीं।
राष्ट्रीय पुरस्कार
छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों (2024) में उन्हें ‘जल क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति’ श्रेणी में दक्षिणी क्षेत्र में पहला स्थान मिला, और 18 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पुरस्कार प्रदान किया।
जल संरक्षण सिर्फ़ इंजीनियरिंग की संरचना नहीं; यह रखरखाव और समुदाय का अपनापन भी है।
स्रोत
- PIB: छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार विजेता
- द न्यू इंडियन एक्सप्रेस: 'दक्षिणी क्षेत्र के जल-पुरुष'
- EDII: पूर्व छात्र परिचय
- pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2188892
- newindianexpress.com/good-news/2025/Nov/23/waterman-of-south-zone-brings-accolades-to-andhra-pradesh
- ediindia.ac.in/alumni/podili-rajasekhara-raju/
- deccanchronicle.com/southern-states/andhra-pradesh/water-warrior-of-south-rajasekhara-raju-podili-wins-national-award-1917996