अंतरिक्ष यानों को ज़िंदा रखना
नंदिनी हरिनाथ ISRO की लंबे समय से सेवा दे रही अंतरिक्ष यान संचालन वैज्ञानिकों में हैं। दशकों में उन्होंने उपग्रह मिशन संचालन, कक्षा निर्धारण, ट्रैकिंग और गहन-अंतरिक्ष संचालन का अनुभव बनाया है।
उनका मुख्य क्षेत्र है अंतरिक्ष यान संचालन, मिशन योजना, ट्रैकिंग नेटवर्क, और कुछ गड़बड़ होने पर तुरंत जवाब देने की तैयारी। प्रक्षेपण के बाद सालों तक यान चलाना प्रक्षेपण जितना ही अहम काम है।
मंगल और संकेतों की देरी
मार्स ऑर्बिटर मिशन के दौरान वे मिशन डिज़ाइन और संचालन नेतृत्व टीम का हिस्सा थीं और अंतरग्रहीय नेविगेशन व संचालन के कठिन माहौल में काम किया।
गहन-अंतरिक्ष संचालन में पृथ्वी की कक्षा की तुलना में संचार की देरी कहीं ज़्यादा थी, और यान को ख़ुद फ़ैसले लेने की ज़रूरत भी ज़्यादा। यह टीम के लिए सीखने का बड़ा पड़ाव था।
संचालन का नेतृत्व
बाद के वर्षों में ISTRAC के वरिष्ठ प्रबंधन में उन्होंने कई अंतरिक्ष यान मिशनों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संचालन का नेतृत्व किया। 2026 की ISRO सामग्री उन्हें अंतरिक्ष यान संचालन में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिका में दर्ज करती है।
उनका करियर लोगों का ध्यान रॉकेट प्रक्षेपण से आगे संचालन की अनदेखी इंजीनियरिंग की ओर ले जाता है और महिला इंजीनियरों की पहचान बढ़ाता है। मिशन की सफलता प्रक्षेपण के एक दिन की घटना नहीं, सालों का अनुशासन है।
स्रोत
- ISRO: NISAR का एक सफल वर्ष
- ISRO: पुरस्कार सूची
- ISRO: ISTRAC
- isro.gov.in/one_successful_year_of_NISAR.html
- isro.gov.in/media_isro/pdf/ASI_awardee_list_100925.pdf
- isro.gov.in/ISTRAC.html