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नंदिनी हरिनाथ
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विज्ञान और नवाचार · कर्नाटक

प्रक्षेपण के बाद के साल

प्रक्षेपण कुछ मिनटों का होता है। अंतरिक्ष यान को चलाना सालों का काम है। नंदिनी हरिनाथ ने अंतरिक्ष मिशनों के उसी लंबे, अनदेखे हिस्से में दशकों बिताए हैं।

नंदिनी हरिनाथNandini Harinath
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नंदिनी हरिनाथ। फ़ोटो: अभिलेखीय चित्र; श्रेय की पुष्टि जारी

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AI आवाज़ में सुनाई गई
क्षेत्र
अंतरिक्ष यान संचालन, मिशन योजना
संस्थान
ISRO टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (ISTRAC)
मिशन
मार्स ऑर्बिटर मिशन डिज़ाइन और संचालन टीम
बाद में
ISTRAC का वरिष्ठ प्रबंधन
2014मार्स ऑर्बिटर मिशन मंगल पहुँचा

अंतरिक्ष यानों को ज़िंदा रखना

नंदिनी हरिनाथ ISRO की लंबे समय से सेवा दे रही अंतरिक्ष यान संचालन वैज्ञानिकों में हैं। दशकों में उन्होंने उपग्रह मिशन संचालन, कक्षा निर्धारण, ट्रैकिंग और गहन-अंतरिक्ष संचालन का अनुभव बनाया है।

उनका मुख्य क्षेत्र है अंतरिक्ष यान संचालन, मिशन योजना, ट्रैकिंग नेटवर्क, और कुछ गड़बड़ होने पर तुरंत जवाब देने की तैयारी। प्रक्षेपण के बाद सालों तक यान चलाना प्रक्षेपण जितना ही अहम काम है।

मंगल और संकेतों की देरी

मार्स ऑर्बिटर मिशन के दौरान वे मिशन डिज़ाइन और संचालन नेतृत्व टीम का हिस्सा थीं और अंतरग्रहीय नेविगेशन व संचालन के कठिन माहौल में काम किया।

गहन-अंतरिक्ष संचालन में पृथ्वी की कक्षा की तुलना में संचार की देरी कहीं ज़्यादा थी, और यान को ख़ुद फ़ैसले लेने की ज़रूरत भी ज़्यादा। यह टीम के लिए सीखने का बड़ा पड़ाव था।

संचालन का नेतृत्व

बाद के वर्षों में ISTRAC के वरिष्ठ प्रबंधन में उन्होंने कई अंतरिक्ष यान मिशनों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संचालन का नेतृत्व किया। 2026 की ISRO सामग्री उन्हें अंतरिक्ष यान संचालन में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिका में दर्ज करती है।

उनका करियर लोगों का ध्यान रॉकेट प्रक्षेपण से आगे संचालन की अनदेखी इंजीनियरिंग की ओर ले जाता है और महिला इंजीनियरों की पहचान बढ़ाता है। मिशन की सफलता प्रक्षेपण के एक दिन की घटना नहीं, सालों का अनुशासन है।

स्रोत