पूर्वी क्षेत्र का राष्ट्रीय पुरस्कार
जल शक्ति मंत्रालय के छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में बिहार के किशोर जायसवाल को ‘जल क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति’ श्रेणी में पूर्वी क्षेत्र में पहला स्थान मिला। यह पुरस्कार 2024 चक्र का था और 2025 में घोषित व प्रदान किया गया। यही उनकी कहानी का पक्का आधिकारिक आधार है।
मुंगेर में वाटरशेड का काम
टाइम्स ऑफ़ इंडिया उन्हें मुंगेर निवासी और जल संरक्षण कार्यकर्ता बताता है। इससे पहले 2020 में द इंडियन एक्सप्रेस ने बताया था कि वे NABARD और दूसरी एजेंसियों के साथ मुंगेर, जमुई और बांका में जल संचयन पर काम कर रहे हैं। यानी उनका ज़मीनी काम पुरस्कार से कई साल पहले दर्ज था।
बिहार के गिरते भूजल पर 2020 की उसी रिपोर्ट में उन्होंने हालात को ‘बहुत चिंताजनक’ बताया था। पाँच साल बाद राष्ट्रीय पुरस्कार उसी लंबे जुड़ाव की सार्वजनिक पहचान बना।
जल साक्षरता और सामुदायिक व्यवस्था
हाल की रिपोर्टें उनके काम को एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन, वाटरशेड विकास, जल स्रोतों को फिर से ज़िंदा करने और समुदायों को पानी के बारे में जागरूक करने से जोड़ती हैं। ऐसी परियोजनाओं में संरचना बनाना काम का सिर्फ़ एक हिस्सा है। पानी के इस्तेमाल की योजना, मिलकर रखरखाव, सिंचाई में सही उपयोग और पानी को फिर ज़मीन में पहुँचाना भी उतना ही अहम है।
पुरस्कार से आगे
2025 के पुरस्कार ने उन्हें ज़्यादा पहचान दी है, लेकिन उन्हें सिर्फ़ पुरस्कार पाने वाले कार्यकर्ता के रूप में याद नहीं किया जाना चाहिए। उनकी असली कहानी अलग-अलग वाटरशेड स्थलों और परियोजनाओं में है, और पानी में आए पहले और बाद के बदलाव में। भूजल संकट का जवाब ज़िले-दर-ज़िले लंबा काम माँगता है।
स्रोत
- PIB: छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार विजेता
- टाइम्स ऑफ़ इंडिया: मुंगेर निवासी को जल संरक्षण का राष्ट्रीय पुरस्कार
- द इंडियन एक्सप्रेस (2020): बिहार के गिरते जलस्तर पर रिपोर्ट
- pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2188892&lang=2®=48
- timesofindia.indiatimes.com/city/patna/munger-resident-wins-national-award-for-water-conservation/articleshow/125256218.cms
- indianexpress.com/article/india/report-shows-sharp-dip-in-water-table-across-bihar-6280413/lite/