एक खगोलशास्त्री अंतरिक्ष कार्यक्रम में
कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन का जन्म 24 अक्टूबर 1940 को एर्नाकुलम में हुआ। उन्होंने खगोल विज्ञान और उच्च-ऊर्जा खगोल भौतिकी में प्रशिक्षण लिया, फिर भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े।
वे उपग्रह खगोल विज्ञान और रिमोट-सेंसिंग मिशनों की तकनीकी भूमिकाओं से आगे बढ़े; ये ऐसे उपग्रह हैं जो ऊपर से पृथ्वी को देखकर ज़मीन, पानी और फ़सलों का अध्ययन करते हैं।
ISRO के परिचालन वर्ष
वे 1994 से 2003 तक ISRO के अध्यक्ष रहे। इस दौर में PSLV परिचालन परिपक्वता तक पहुँचा, और INSAT व IRS उपग्रह समूहों तथा अंतरिक्ष अनुप्रयोगों का विस्तार हुआ।
उनके कार्यकाल ने ISRO को प्रक्षेपण और उपग्रहों के भरोसेमंद परिचालन तंत्र के रूप में मज़बूत किया।
सार्वजनिक नीति में विज्ञान
बाद में वे राज्यसभा और योजना आयोग के सदस्य रहे, और राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मसौदा बनाने वाली समिति के अध्यक्ष भी। इससे उनका प्रभाव अंतरिक्ष विज्ञान से बहुत आगे गया। 25 अप्रैल 2025 को उनका निधन हुआ।
शोध वैज्ञानिक से एक बड़ी सार्वजनिक संस्था के प्रमुख, और फिर शिक्षा नीति तक का सफ़र एक असामान्य बहु-चरणीय करियर था। वैज्ञानिक सोच नीति बनाने में मदद करती है, लेकिन नीति के नतीजे सामूहिक होते हैं और उन पर मतभेद भी होते हैं।
स्रोत
- ISRO: के. कस्तूरीरंगन
- PIB श्रद्धांजलि, 2025
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज़
- isro.gov.in/kasthurirangan.html
- pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2124254&lang=2®=48
- nias.res.in/