कुएँ से आई एक आवाज़
दिया फ़ातिमा की कहानी कुछ सेकंड में लिए गए एक फ़ैसले की कहानी है। 4 अप्रैल 2023 की शाम केरल के आलप्पुझा ज़िले के मावेलिक्कारा इलाक़े में उनका दो साल का भाई 20 फ़ुट से ज़्यादा गहरे कुएँ में गिर गया। तब दिया लगभग आठ साल की थीं और तीसरी कक्षा में पढ़ती थीं।
पाइप के सहारे नीचे
मनोरमा और ऑनमनोरमा की उस समय की रिपोर्टिंग के अनुसार दिया ने बड़ों का इंतज़ार नहीं किया। मोटर के PVC पाइप को पकड़कर वे कुएँ में उतरीं, पानी में छटपटाते भाई तक पहुँचीं और एक हाथ से पाइप पकड़े हुए उसे अपने शरीर से थामे रहीं। उनकी बहन ने दौड़कर आसपास के लोगों को बुलाया; पड़ोसी रस्सी लेकर उतरे और दोनों बच्चों को बाहर निकाला। भाई को सिर की हल्की चोट का इलाज मिला, और दिया सुरक्षित रहीं।
साहस, और सुरक्षा का सबक़
न कोई ख़ास उपकरण था, न प्रशिक्षण, न कोई योजना। यही इसे आम लोगों के साहस का दुर्लभ उदाहरण बनाता है: एक बच्ची ने ख़तरे को समझा और तुरंत क़दम उठाया। लेकिन ऐसी कहानी से बच्चों को जोखिम भरे बचाव की नक़ल करने के लिए प्रेरित नहीं होना चाहिए। शोर मचाकर बड़ों या आपातकालीन सेवाओं को बुलाना हमेशा पहला क़दम होना चाहिए।
जनवरी 2025 में भारत सरकार की जीवन रक्षा पदक सूची में ‘दिया फ़ातिमा, केरल’ का नाम दर्ज हुआ। तब वे दस साल की थीं और पाँचवीं कक्षा में थीं, और उन्होंने स्थानीय पत्रकारों से कहा कि वे एक दिन अग्निशमन और बचाव सेवा से जुड़ना चाहती हैं।
स्रोत
- PIB: जीवन रक्षा पदक 2024 विजेता
- मलयाला मनोरमा: दिया फ़ातिमा को जीवन रक्षा पदक (जनवरी 2025)
- ऑनमनोरमा: कुएँ में गिरे छोटे भाई को 8 साल की बच्ची ने बचाया (अप्रैल 2023)
- pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2096171&lang=2®=48
- manoramaonline.com/district-news/alappuzha/2025/01/26/diya-fatima-jeevan-raksha-padak.html
- onmanorama.com/news/kerala/2023/04/05/8-year-old-girl-saves-2-year-old-younger-brother-fell-well-kerala.amp.html