पत्रकार, लेखक, संगठनकर्ता
डॉ. भीम सिंह भवेश की पहचान पत्रकार, लेखक और ज़मीनी समाजसेवी, तीनों रूपों में है। भोजपुर के लक्षणपुर गाँव से आने वाले भवेश ने तीन दशक से ज़्यादा समय हाशिये के समुदायों, ख़ासकर मुसहर समुदाय, के साथ काम किया है। उनके पास दो M.A., PhD और LLB की डिग्रियाँ हैं, लेकिन उनका सार्वजनिक योगदान सबसे साफ़ समुदायों को संगठित करने में दिखता है।
जवाहर टोला से 13 प्रखंडों तक
आधिकारिक पद्म प्रशस्ति के अनुसार 2003 में आरा शहर के जवाहर टोला की मुसहर टोली से शुरू हुआ काम धीरे-धीरे भोजपुर के 13 प्रखंडों की 200 से ज़्यादा मुसहर बस्तियों तक पहुँचा। उस समय वहाँ साक्षरता सिर्फ़ 4 से 5 प्रतिशत बताई गई थी। प्रशस्ति 300 से ज़्यादा बच्चों के मैट्रिक पास करने, कई के उच्च या व्यावसायिक शिक्षा तक जाने, और 142 छात्रों के NMMS छात्रवृत्ति परीक्षा पास करने को दर्ज करती है।
योजनाओं को उनके हक़दारों तक पहुँचाना
उनका काम सिर्फ़ स्कूली पढ़ाई तक नहीं रुका। सामुदायिक भवन, नालियाँ, साफ़ पीने का पानी, इलाज, गर्भवती महिलाओं की मदद, कल्याण योजनाओं के काग़ज़, आँगनवाड़ी तक पहुँच और सामाजिक सुरक्षा पेंशन: इन सबमें उन्होंने स्थानीय व्यवस्था को समुदाय तक पहुँचाने का काम किया। प्रशस्ति ‘परवरिश योजना’ के तहत 87 अनाथ बच्चों को मासिक सहायता और 3,500 से ज़्यादा लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दिलाने का आँकड़ा दर्ज करती है।
लेखन से पैरवी
पत्रकारिता और लेखन उनकी पैरवी के औज़ार रहे हैं। ‘हाशिये पर हसरत’, ‘नेम प्लेट’, ‘कलकत्ता से कोलकाता’ और ‘सान्निध्य का संस्मरण’ जैसी रचनाएँ हाशिये के लोगों के जीवन को दर्ज करती हैं। प्रशस्ति 2012 के आरा शराब कांड में उनके राहत कार्य और सोन नदी में अवैध बालू खनन के ख़िलाफ़ उनकी रिपोर्टिंग और पैरवी का भी उल्लेख करती है।
उनकी कहानी बताती है कि कोई सरकारी योजना तभी सार्थक है जब सबसे कमज़ोर लोग सच में उस तक पहुँच सकें, और पत्रकारिता सबूतों पर टिकी जनपैरवी भी बन सकती है।
स्रोत
- पद्म पुरस्कार 2025: आधिकारिक प्रशस्ति
- PIB: पद्म पुरस्कार 2025
- दैनिक भास्कर: भोजपुर के भीम सिंह भवेश को पद्म श्री
- padmaawards.gov.in/Document/pdf/CitationsForTickets/2025/202544.pdf
- pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2096328&lang=2®=48
- bhaskar.com/local/bihar/bhojpur/news/padma-shri-awarded-to-bhim-singh-bhavesh-of-bhojpur-134357281.html