पक्की नौकरी छोड़ना
भगबत पधान ओडिशा के शब्द नृत्य के प्रमुख गुरुओं में गिने जाते हैं, जिसे उनकी पद्म प्रशस्ति पौराणिक कथाओं पर आधारित एक प्राचीन नृत्य शैली बताती है। उनका जीवन एक असामान्य फ़ैसले से शुरू होता है। सातवीं कक्षा के बाद उन्हें शिक्षा विभाग में शिक्षक की सरकारी नौकरी मिली, लेकिन कला की ओर खिंचाव इतना गहरा था कि उन्होंने नौकरी छोड़कर कुंभारी गाँव की ब्रजेश्वरी नृत्य कला संसद से कलाकार के रूप में जुड़ना चुना।
पचास साल का सिखाना
1974 में वे ‘शब्द नृत्य गुरु’ बने। अगली आधी सदी तक उन्होंने इस परंपरा को सिर्फ़ मंच पर नहीं निभाया, उसे सिखाया और आगे सौंपा। प्रशस्ति कहती है कि उन्होंने 600 से ज़्यादा कलाकार तैयार किए और पूरे इलाक़े में ‘भगा मास्टरे’ के नाम से पहचाने गए। उनके शिष्य ज़िले के बाहर भी फैले, जिससे इस शैली का बचना किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहा।
एक परंपरा जिसे देखने दुनिया आई
शब्द नृत्य का पौराणिक और अनुष्ठानिक स्वरूप इसे मुख्यधारा के मंचीय नृत्य से अलग करता है। शोधकर्ता, ओडिसी नर्तक, विद्वान और विदेशी आगंतुक कुंभारी संस्था आए, जिनमें इटली, जर्मनी, जापान, श्रीलंका, थाईलैंड और अमेरिका के लोग शामिल थे, और इससे ओडिशा के बाहर भी इस शैली की पहचान बढ़ी।
असली कहानी पुरस्कार से पहले के दशकों में है। बिना पैसे और बिना मुख्यधारा की शोहरत के उन्होंने एक दुर्लभ परंपरा को जीवित अभ्यास बनाए रखा। किसी गुरु का असर उसकी अपनी प्रस्तुतियों से नहीं, उसके शिष्यों से कई गुना होता है।
स्रोत
- पद्म पुरस्कार 2024: आधिकारिक प्रशस्ति
- न्यू इंडिया समाचार (फ़रवरी 2024)
- भारत के राष्ट्रपति: पद्म पुरस्कार 2024 समारोह सूची
- padmaawards.gov.in/Document/pdf/CitationsForTickets/2024/202489.pdf
- newindiasamachar.pib.gov.in/WriteReadData/Magazine/2024/Feb/M202402161.pdf
- odishanewstimes.com/2024/01/25/padma-awards-2024-announced-in-art-segment-binod-maharanabinod-kumar-pasayatshri-bhagabat-pradhan-gopinath-swain-from-odisha-awarded-padma-shri/