शौक़ जो जनसेवा बन गया
अंके गौडा की कहानी किसी बड़ी संस्था या सरकारी पुस्तकालय से शुरू नहीं होती। यह एक व्यक्ति के निजी संग्रह से शुरू होती है, जो कभी बढ़ना बंद नहीं हुआ। आधिकारिक पद्म प्रशस्ति के अनुसार कॉलेज के दिनों से ही उन्हें पढ़ने और किताबें जुटाने का गहरा शौक़ था, और नौकरी करते हुए भी वे अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा किताबों पर लगाते रहे।
समय के साथ यह शौक़ ‘पुस्तकद मने’ यानी किताबों का घर बन गया। यह विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों और आम पाठकों के लिए मुफ़्त सार्वजनिक पुस्तकालय की तरह काम करता है।
32 साल की नौकरी, फिर पूरा समय किताबों को
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने पांडवपुरा सहकारी शक्कर कारख़ाने में 32 साल टाइम ऑफ़िसर के रूप में काम किया और 2005 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। सेवानिवृत्ति का मतलब आराम नहीं था। इसका मतलब था संग्रह को व्यवस्थित करने और जनता के लिए खोलने का समय।
उनकी अलमारियों में साहित्य, इतिहास, कला, संस्कृति, दर्शन, संगीत, विज्ञान और समाज विज्ञान की किताबें हैं, कन्नड़, अंग्रेज़ी, हिंदी, तमिल, तेलुगु और दूसरी भाषाओं में।
20 लाख से ज़्यादा किताबों का घर
2026 की पद्म प्रशस्ति के अनुसार उनके संग्रह में 20 लाख से ज़्यादा किताबें हैं। इतने बड़े संग्रह को उन्होंने बिना किसी वेतनभोगी कर्मचारी के, परिवार की मदद से सँभाला। यही पैमाना और सबके लिए मुफ़्त पहुँच उन्हें सिर्फ़ किताबें जुटाने वाला नहीं, ज्ञान का संरक्षक बनाती है। बढ़ते संग्रह के लिए कर्नाटक सरकार ने भी जगह और ढाँचे में मदद दी है।
सम्मान तक का लंबा, ख़ामोश सफ़र
उन्हें 2014 में कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार और 2017 में लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में स्थान मिला, लेकिन 2026 के पद्म श्री तक पहुँचने में लगभग आधी सदी लगी।
संस्कृति को बचाना हमेशा पांडुलिपियों या स्मारकों की मरम्मत नहीं होता। कभी-कभी यह एक व्यक्ति का साधारण किताबों को फेंके जाने से बचाकर आने वाले पाठकों के लिए सहेजना होता है। अंके गौडा ने अपने संग्रह को निजी ट्रॉफ़ी की तरह बंद नहीं रखा। उन्होंने अपने घर और अपने जीवन को मुफ़्त पुस्तकालय बना दिया।
स्रोत
- पद्म पुरस्कार 2026: आधिकारिक प्रशस्ति
- PIB: कर्नाटक के पद्म पुरस्कार विजेता 2026
- द इंडियन एक्सप्रेस: 'एक आदमी, 20 लाख किताबें'
- पब्लिक टीवी: पद्म श्री के बाद बातचीत
- padmaawards.gov.in/Document/pdf/CitationsForTickets/2026/English/202621.pdf
- pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2262338&lang=1®=20
- indianexpress.com/article/cities/bangalore/unsung-heroes-one-man-2-million-books-meet-the-padma-shri-recipient-behind-the-worlds-largest-free-access-library-10519816/
- english.publictv.in/worked-without-expecting-any-reward-social-worker-anke-gowda-on-being-conferred-padma-shri-2026/